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Rajasthan की प्रमुख झीलें - Quiz

राजस्थान की झीलें (10 Sec Challenge)

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राजस्थान की प्रमुख झीलें: पर्यटन और अर्थव्यवस्था का आधार

राजस्थान को "झीलों की नगरी" (उदयपुर) के कारण विश्व भर में पहचाना जाता है। यहाँ की झीलें न केवल पीने के पानी और सिंचाई का स्रोत हैं, बल्कि वे यहाँ के गौरवशाली इतिहास और स्थापत्य कला की भी गवाह हैं। राजस्थान की झीलों को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा गया है: खारे पानी की झीलें और मीठे पानी की झीलें

1. खारे पानी की झीलें (Salt Water Lakes)

ये झीलें मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती हैं और टेथिस सागर का अवशेष मानी जाती हैं:

  • सांभर झील (जयपुर/नागौर/अजमेर): यह भारत की सबसे बड़ी अंतःस्थलीय नमक उत्पादन वाली झील है। यहाँ भारत के कुल नमक उत्पादन का लगभग 8.7% हिस्सा तैयार होता है।
  • पचपदरा (बाड़मेर): यहाँ के नमक में सोडियम क्लोराइड की मात्रा 98% तक होती है, जो इसे खाने की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ बनाता है।
  • डीडवाना (नागौर): यहाँ के नमक का उपयोग मुख्य रूप से उद्योगों में किया जाता है।

2. मीठे पानी की झीलें (Fresh Water Lakes)

झील का नाम स्थान विशेषता
जयसमंद झील उदयपुर राजस्थान की सबसे बड़ी कृत्रिम झील।
नक्की झील माउंट आबू राजस्थान की सबसे ऊँची और एकमात्र जमने वाली झील।
पुष्कर झील अजमेर हिंदुओं का पवित्र तीर्थ और सबसे प्राचीन झील।
राजसमंद झील राजसमंद यहाँ 'नौ चौकी पाल' पर विश्व का सबसे बड़ा शिलालेख स्थित है।

3. परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

परीक्षाओं में अक्सर झीलों के उपनाम और उनके निर्माणकर्ताओं के बारे में पूछा जाता है। जैसे पिछोला झील का निर्माण एक बंजारे द्वारा करवाया गया था, जबकि आनासागर झील का निर्माण अर्णोराज द्वारा किया गया था।

तैयारी की सलाह: राजस्थान की झीलों के मानचित्र का अध्ययन करें ताकि आपको उनकी भौगोलिक स्थिति याद रहे। ऊपर दी गई क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी का स्तर अभी जाँचें।

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