राजस्थान की नदियाँ: टॉप 25 प्रश्न
1. 'वागड़ एवं कांठल की गंगा' किस नदी को कहा जाता है?
2. 'अर्जुन की गंगा' किस नदी को कहते हैं?
3. राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी कौन सी है?
4. लूनी नदी का जल कहाँ से खारा हो जाता है?
5. कर्क रेखा को दो बार काटने वाली नदी कौन सी है?
6. 'वन की आशा' किस नदी को कहा जाता है?
7. चम्बल नदी राजस्थान में कहाँ से प्रवेश करती है?
8. पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी?
9. 'चूलिया जलप्रपात' किस नदी पर स्थित है?
10. मृत नदी (Dead River) किसे कहा जाता है?
11. बेणेश्वर त्रिवेणी संगम किन नदियों का है?
12. बीसलपुर बाँध किस नदी पर बना है?
13. खारी नदी किस अपवाह तंत्र का हिस्सा है?
14. जवाई बाँध किस जिले में स्थित है?
15. 'कामधेनु' किस नदी को कहा जाता है?
16. राज्य में सर्वाधिक नदियों वाला संभाग कौन सा है?
17. किस नदी का उद्गम उदयनाथ की पहाड़ी (अलवर) से है?
18. आंतरिक प्रवाह की सबसे छोटी नदी कौन सी है?
19. आयड़ नदी का नाम उदयसागर के बाद क्या हो जाता है?
20. सुमेरपुर (पाली) किस नदी के किनारे स्थित है?
21. गांधी सागर बाँध किस नदी पर बना है?
22. साबरमती का उद्गम किस जिले से होता है?
23. 'बनास की सहायक' मेनाल का संगम कहाँ होता है?
24. राजस्थान की किस नदी को 'रुण्डित सरिता' कहते हैं?
25. साबी नदी का उद्गम स्थल कौन सा है?
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Join WhatsAppराजस्थान की नदियाँ: अपवाह तंत्र और महत्वपूर्ण तथ्य
राजस्थान का अपवाह तंत्र भारत के अन्य राज्यों से भिन्न है। यहाँ की नदियों को उनके गंतव्य (समुद्र या विलुप्ति) के आधार पर तीन मुख्य भागों में विभाजित किया गया है। राजस्थान देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ आंतरिक प्रवाह (Internal Drainage) प्रणाली बड़े पैमाने पर पाई जाती है।
1. बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियाँ
ये नदियाँ अपना जल यमुना या गंगा में मिलाती हैं और अंततः बंगाल की खाड़ी तक पहुँचती हैं:
- चंबल नदी: राजस्थान की एकमात्र बारहमसी नदी। इसका प्राचीन नाम 'चर्मण्यवती' है। यह 'बीहड़' और 'डांग' क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध है।
- बनास नदी: इसे 'वन की आशा' (Hope of the forest) कहा जाता है। यह पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी है।
- बाणगंगा: इसे 'अर्जुन की गंगा' भी कहा जाता है, जिसका उद्गम बैराठ की पहाड़ियों से होता है।
2. अरब सागर में गिरने वाली नदियाँ
ये नदियाँ अरावली के पश्चिम से निकलकर अरब सागर या कच्छ के रण में गिरती हैं:
- लूणी नदी: इसे 'मरुस्थल की गंगा' कहा जाता है। इसका जल बालोतरा (बाड़मेर) तक मीठा और उसके बाद खारा हो जाता है।
- माही नदी: यह कर्क रेखा को दो बार पार करने वाली भारत की एकमात्र नदी है। इसे 'वागड़ की स्वर्णरेखा' भी कहा जाता है।
- साबरमती: इसका उद्गम उदयपुर से होता है, लेकिन इसका मुख्य प्रवाह गुजरात में है।
3. आंतरिक प्रवाह की नदियाँ (Internal Drainage)
ऐसी नदियाँ जो समुद्र तक नहीं पहुँचतीं और रेगिस्तान में ही विलीन हो जाती हैं। राजस्थान के कुल अपवाह तंत्र का लगभग 60% भाग इसी श्रेणी में आता है:
| नदी का नाम | उद्गम स्थल | विशेष तथ्य |
|---|---|---|
| घग्गर नदी | शिवालिक पहाड़ियाँ | इसे 'मृत नदी' (Dead River) कहा जाता है। |
| कांतली नदी | खंडेला की पहाड़ियाँ | इसके प्रवाह क्षेत्र को 'तोरावटी' कहा जाता है। |
| कांकनेय (मसूरदी) | कोटड़ी गाँव (जैसलमेर) | यह केवल वर्षा ऋतु में ही बहती है। |
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