सर्वनाम और विशेषण क्विज
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सर्वनाम और विशेषण: हिंदी व्याकरण का आधार
वाक्य संरचना में संज्ञा के दोहराव को रोकने के लिए सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है, जबकि संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। इन दोनों का सही ज्ञान भाषा की शुद्धता के लिए अनिवार्य है।
1. सर्वनाम (Pronoun)
संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। हिंदी में सर्वनामों की संख्या 11 है, लेकिन इनके 6 भेद होते हैं:
- पुरुषवाचक: मैं, तुम, वह (उत्तम, मध्यम, अन्य पुरुष)
- निश्चयवाचक: यह, वह (निश्चित वस्तु या व्यक्ति के लिए)
- अनिश्चयवाचक: कोई, कुछ (अनिश्चित स्थिति के लिए)
- संबंधवाचक: जो-सो, जैसा-वैसा
- प्रश्नवाचक: कौन, क्या
- निजवाचक: आप, स्वयं, खुद
2. विशेषण (Adjective)
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण) बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं। विशेषण के मुख्य रूप से 4 भेद माने जाते हैं:
| विशेषण का भेद | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| गुणवाचक | रंग, आकार, गुण, दोष | नीला आकाश, ईमानदार लड़का |
| संख्यावाचक | संख्या का बोध (निश्चित/अनिश्चित) | पाँच आम, कुछ लोग |
| परिमाणवाचक | माप-तोल का बोध | दो लीटर दूध, बहुत सारा घी |
| सार्वनामिक | सर्वनाम जब विशेषण का कार्य करे | वह घर, यह लड़का |
विशेष नोट (प्रविशेषण): वे शब्द जो विशेषण की भी विशेषता बताते हैं, उन्हें प्रविशेषण कहते हैं। जैसे- "राम बहुत अच्छा लड़का है।" यहाँ 'बहुत' प्रविशेषण है।
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